स्केल एआई के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, २८ वर्षीय अलेक्झांडर वांग ने टेक जगत में एक नया इतिहास रचा है। ‘मेटा’ एक प्रमुख टेक कंपनी ने स्केल एआई में १४.३ अरब डॉलर का निवेश किया है।
इस समझौते के हिस्से के रूप में वांग अब ‘मेटा’ के सुपरइंटेलिजेंस यूनिट का नेतृत्व करेंगे, जहां वे आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (एजीआई) विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जो मानव बुद्धिमत्ता के स्तर पर काम कर सके।
वांग ने २०१६ में स्केल एआई की स्थापना की थी और कम समय में ही कंपनी को कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र में अग्रणी स्थान दिलाया। न्यू मैक्सिको में चीनी प्रवासी माता-पिता के घर जन्मे वांग बचपन से ही गणित और कोडिंग में माहिर थे। उन्होंने एमआईटी से अपनी पढ़ाई बीच में छोड़कर स्केल एआई शुरू की और २५ साल की उम्र में दुनिया के सबसे युवा स्व-निर्मित अरबपति बन गए।
इस निवेश से स्केल एआई का मूल्यांकन २९ अरब डॉलर तक पहुंच गया है। वांग के नेतृत्व में ‘मेटा’ अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है। वांग ने पहले ही सिलिकॉन वैली और वाशिंगटन डी.सी. में मजबूत नेटवर्क बना लिया है और उनका प्रभाव विश्व भर के टेक उद्योग में दिखाई देता है।
स्केल एआई कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए डेटा लेबलिंग और प्रशिक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वांग के नेतृत्व में ‘मेटा’ के सुपरइंटेलिजेंस यूनिट के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में नई क्रांति की संभावना है।
